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झारखंड का आंदोलन बहुत अलग है...और यहां के युवा भी

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वह कहती है पीसीएस का मेरा सपना टूट गया....ये दुख कहीं बहुत गहरा है....भीतर तक....चलो खुद के लिए कुछ न कर पाऊं पर इन बच्चों के लिए आवाज जरूर बन जाऊंगी मैं....हेमंत सोरेन ने यदि सुना नहीं तो इसी धरती पर हिसाब करके जाना पड़ेगा । वह कहती है कि सामान्य वर्ग से हूं मैं....हमारे यहां ज्यादा से ज्यादा 24 25 साल में शादी हो जाती है....मेरे पापा ने दो साल एकस्ट्रा दिया....लेकिन इन लूट मचाने वालों ने सब छीन लिया....घर नहीं जाती मैं....मेरी शादी भी नहीं हो सकती अब तो ............मैं रो भी नहीं सकती....यहां कोई भी स्टूडेंट जंतर मंतर जैसे फैंसी नहीं हैं....यहां सब गरीब हैं....यहां सब मजदूर के बच्चे हैं....यहां खाने के लिए भी एक आध सूखी रोटी मिल जाए वही बहुत है....। यह कहानी इस छात्र आन्दोलन में संघर्ष कर रहे हर दूसरे छात्र की है । झारखंड में चल रहे छात्र आन्दोलन की यह झलक है । रांची की सड़कों पर जेपीएससी और जेएसएससीपरीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ हजारों छात्र आंदोलन कर रहे हैं। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था...