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अपनी दुनिया में मगन बड़ाबाजार को अब बाखबर होने की जरूरत है

महापुरुषों पर गर्व करते हैं तो उनकी विरासत को सहेजना भी सीख लेते

खुद से पूछिए, विवेकानंद चाहिए तो क्या परमहंस बनने को तैयार हैं?